Released in 1986, Jaanbaaz remains one of the most stylish and ambitious films of 1980s Hindi cinema. Produced and directed by Feroz Khan, the film blended family drama, romance, action, and crime within a visually lavis...
View on Facebookकहो ना.... प्यार है एक कोमल हृदय की प्रेम कहानी है। कहानी है एक इमानदार जवान लड़के के मुताल्लिक जो एक बहुत ही प्यारे स्वभाव की लड़की के जीवन में खुशी, संगीत और उमंग लाता हैं।
दोनों मसूमों के लिये ज़ि़ंदगी स्वर्ग से कम नहीं थी कि भाग्यवश परिस्थितियों ने उन्हें अलग कर दिया। लड़की सदमे से बाहर नहीं आ सकी क्यों कि उसका संपूर्ण अस्तित्व ही निरर्थक हो गया था बिना उस अलौकिक एहसास के जिसे प्यार कहते है।
पर सब कुछ अब भी नहीं खोया था। लड़की अपने प्यार को खोना अस्वीकार करते हुए सातों समंदर पार यात्रा करती है कि शायद उन यादों के स्वप्न को भुला सके। अपने घर से कोसो दूर वो एक जवान लड़के से मिलती है जिसकी सूरत हूबहू वैसी है जिसे उसने अपना दिल, अपनी आत्मा बिना शर्त के समर्पण की थी।
क्या वो दोनों इतनी बड़ी रुकावट को पार कर पायेंगे?
क्या वो लड़की कभी अपनी दुःख भरी यादों के नक्श मिटा सकने में सफल हो पायेगी?
क्या वो दोनो पूर्णतया नये जीवन का आरंभ कर पायेंगे?
कहो ना... प्यार है इस जवाँ जोड़ी के एहसास का आईना है जो अपने आप में प्रभावशाली मनोरंजन है। इसलिये आगे बढ़िये... और इसका आनंद उठाइये।
[From the official press booklet]