Released in 1986, Jaanbaaz remains one of the most stylish and ambitious films of 1980s Hindi cinema. Produced and directed by Feroz Khan, the film blended family drama, romance, action, and crime within a visually lavis...
View on Facebookसंगीता, शनि एक दूसरे से प्यार करते हैं दोनों शादी ना करने के बावजुद प्यार के बंधन में बंध जाते हैं और दोनों के प्यार की निशानी एक बच्चा हो जाता है, संगीता बच्चे का लालन-पालन करती है और शनि उसकी जिंदगी से चला जाता है। संगीता अपने बच्चे को पालने और माँ बाप के लिये मुम्बई में नौकरी करती है। अपने माँ-बाप को बच्चे के बारे में नहीं बताती इसलिये माँ-बाप उसकी शादी करना चाहते हैं और कभी रमेश कभी शुक्ला से कहते रहते हैं कि लड़की के लिये वर की तलाश करे।
तभी संगीता की जिंदगी में एक हादसे के दौरान राज आता है जो संगीता कें माँ-बाप के सामने संगीता से शादी का प्रस्ताव रखता है दोनों की शादी हो जाती है, तभी शनि एक अमिर आदमी बन कर संगीता की जिंदगी मं आता है संगीता उससे कोई वास्ता नहीं रखना चाहती तो वो राज के बिजनेश पार्टनर राजेन को अपने साथ मिला लेता है फिर शुरू होती है जंग.....
क्या संगीता ने शनि का साथ दिया...?
क्या राजेन शनि व राज को हराने में कामयाब हुये?
क्या राज संगीता के दिल पर छाया रहा?
क्या शनि संगीता को दुबारा हासिल कर सका?
संगीता शनि के बच्चे का क्या हुआ?
क्या बच्चे को राज ने अपना लिया?
इन सब सवालों के जवाब के लिये देखिये फिल्म "जान तेरे नाम"।
(From the official press booklet)