Released in 1986, Jaanbaaz remains one of the most stylish and ambitious films of 1980s Hindi cinema. Produced and directed by Feroz Khan, the film blended family drama, romance, action, and crime within a visually lavis...
View on Facebookफक़ीर बादशाह कहानी है एक ऐसे इन्सान की जिसका बचपन अनाथ आश्रम से शुरू होकर भिखारियों की गन्दी गलियों से गुजरता है और जवानी उसे एक नया नाम देती है "फक़ीर बादशाह".
फक़ीर बादशाह जिसके पैदा होने से पहले ही उसके बाप का नाम उससे दूर हो जाता है और पैदा होते ही उसकी माँ दुनिया के अन्धेरों में खो जाती है. माँ जो एक अन्धी भिखारिन के नाम से जानी जाती है और बाप जो दूसरी शादी करके जिल्लत की जिन्दगी जी रहा है पहली औरत को धोखा देने की सजा उसे दूसरी औरत दे रही है जिसे वह कुदरत का इन्साफ समझता है.
लेकिन यह इन्साफ करता है फक़ीर बादशाह - उन लोगों से बदला लेकर जिन्होंने उसके माँ-बाप को ऐसे मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया.
उन लोगों से बदला लेकर जिन्होंने उसकी माँ की आंखें निकाल कर भीख मांगने पर मजबूर किया.
उन लोगों से बदला लेकर जो मासूम बच्चों को उठा कर हंसते खेलते घरों को बरबाद करके उनके चिराग को सिर्फ एक ही नाम देते हैं "भिखारी भिखारी भिखारी".
इन भिखारियों को उन दरिन्दों के पंजों से छुड़ा कर वह एक आश्रम बनाना चाहता है ताकि उन्हें जीने की राह दिखा सके और उन बिछड़े हुए बच्चों को उनके माँ-बाप से मिला सके.
इन सब सवालों का जवाब जानने के लिये देखिये शाही आर्ट्स का "फक़ीर बादशाह".
(From the official press booklet)