Released in 1986, Jaanbaaz remains one of the most stylish and ambitious films of 1980s Hindi cinema. Produced and directed by Feroz Khan, the film blended family drama, romance, action, and crime within a visually lavis...
View on Facebookकर्फ्यू के अन्धेरे में एक नौजवान सड़क पर मस्त गाता हुआ चला जा रहा है। उसको सिपाही ने रोका और घर जाने को कहा। एक दरवाज़े की आड़ लेकर हमारा नौजवान छिप गया। घर के अन्दर एक मासूम लड़की और उसका छोटा भाई, बाप के मर जाने का मातम कर रहे हैं। बेताब भाई, बहनसे भूक की शिकायत कर रहा है। नौजवान ने सब कुछ सुना ऐसी हालत में कहीं से लाकर रोटी दी पकड़ा गया मगर एक मासूम का पेट भरने के सिलसिले में। खूबसूरत बहन को नौजवान की यह अनोखी अदा बहुत पसंद आई और दिल ही दिल में उसकी शराफत की कायल हो गई। नौजवान भी पहली ही नज़र में इस घर के अन्दर छिपे हुए तीर का निशाना बन गया।
नौजवान जब लौटा तो लड़की का भाई एक दुर्घटना से मर चुका था और लड़की घर छोड़कर दूर के सफर पर रवाना हो चुकी थी। यह सुनकर ग़मगीन नौजवान पलटा ही था कि एक उसके जानने वाले ने माँ की बीमारी की खबर उसको सुनाई और घर जाने पर मजबूर किया।
तेजी से रेल चली जा रही थी- मुसाफिर उतरे, चढ़े कि अचानक हमारे नौजवान ने किसी को पहिचाना- लड़की ने भी पहिचाना देर तक दोनों की बातें होती रहीं और इन्हीं बातों में मोहब्बत और वफा का वायदा हुआ, परन्तु दुर्भाग्य कि यह हवाई किले जल्दी ही गिर गये। रेल टकराई, कोई कहीं और कोई कहीं गिरा-किसी को किसी की खबर न रहीं। इस दुर्घटना का लड़की के दिमाग़ पर ऐसा असर पड़ा कि वह अपनी पहली ज़िन्दगी भूल गई। अस्पताल से भागकर एक प्रोफ़ेसर के मकान पर पहुँची। प्रोफ़ेसर ने उसकी हालत समझी और उसे यकीन दिलाया कि वही उसका मकान है। दोनों साथ साथ रहने लगे और बहुत ही जल्दी फ़िलाॅसोफ़ी का ख़ुश्क प्रोफ़ेसर हुस्न और इश्क़ की गहराइयों में टहलता नज़र आया। कुछ दिनों बाद उसने लड़की को शादी का पैग़ाम दिया, लड़की ने मन्जूर कर लिया। नाच और रंग की महफिलें आबाद की जा रही थी कि इतिफ़ाक से एक दिन हमारा नौजवान मिला जो अरसे से लड़की की तलाश कर रहा था-उसने दौड़कर लड़की को पकड़ लिया। मगर लड़की ने उसे अजनबी समझा। उसने बेतकल्लुफ होकर याद दिलाने की कोशिश की लड़की ने उसे तमाचा मारा और मुंह मोड़कर दूसरी तरफ चल दी। नौजवान हैरान था और दिल ही दिल में उस बेवफा लड़की को बुरा भला कह रहा था- मगर उस बेचारी का क्या कसूर। शादी किसके साथ हुई? नौजवान को लड़की ने पहिचाना या नहीं? यह एक ऐसी पहेली है जिसे आप परदे पर ही हल कर सकते हैं।
(From the official press booklet)