Released in 1986, Jaanbaaz remains one of the most stylish and ambitious films of 1980s Hindi cinema. Produced and directed by Feroz Khan, the film blended family drama, romance, action, and crime within a visually lavis...
View on Facebookखूबसूरती बड़ी अच्छी चीज़ है। उसके ग्राहकों से दुनिया भरी हुई है। अगर खूबसूरती किसी अमीर औरत के पास है तो दुनिया उसे रिझाने के लिये भौंरा बनकर प्रेम के गीत गुन गुनाने लगती है- और वही खूबसूरती अगर किसी ग़रीब औरत के पास है तो - मत पूछिये- यही दुनिया प्रेम के गीत भूलकर भौंरे से लुटेरी बन जाती है और जान की बाज़ी लगाकर उसे लूटने पर आमादा हो जाती है। यह शायद दुनिया ने ग़रीबी और मजबूरी से नाजायज फ़ायदा उठाने के लिये एक क़ायदा सा बना रखा है।
कमला वैसी ही गरीब, खूबसूरत लड़कियों में से एक है। उसकी खूबसूरती पर लट्टू होकर विजय गढ़ का राजकुमार प्रेम का गीत गा उठता है और फिर दोनों का ब्याह भी हो जाता है। कमला एक ग़रीब किसान की बेटी से एक दम राजरानी का पद पा लेती है। झोंपड़ी में रहने वाला जुगनू राजमहल का चिराग बन जाता है। लेकिन राजमहल में उजाला करने से पहले ही उसके जीवन में अंधेरा छा जाता है। कमला न झोपड़ी में ही रह पाती है न राजमहल का दरवाजा देख पाती है।
विजयगढ़ का बदमाश और ग़द्दार सेनापति, कमला के रूप यौवन से खेलना चाहता है यानी वह जिस राजा के साये में पलकर सेनापति हुआ है उसी की पुत्र-वधू पर अपनी नज़र और नीयत बिगाड़ बैठता है। अब उसे एक पाप पूरा करने के लिये दूसरे पाप की सहायता लेना जरूरी हो जाता है। वह अपनी योजना के मुताबिक चाहता है कि राजा और राजकुमार को मारकर हमेशा के लिये अपने रास्ते का काँटा दूर करदे और मनमाना राजरानी कमला के साथ, खुद राजा बनकर, राजवैभव का उपयोग करे।
सेनापति के हाथ का पुलता जादूगर उसकी मदद करता है। वह कमला के व्याह की रात में ही कुमार को अपने जादू के बल से अपाहिज कर देता है और यह दोष कमला पर मढ़कर सेनापति उसे गिरफ़्तार करके राजधाी में कैद करा देता है तथा राजा के सामने अपनी खैरख्वाही का ढोल पीटता है।
कमला उस समय गिरफ़्तार कर ली जाती है जब राजकुमार को अच्छा करने के लिये एक गांव के वैद्य के बताये हुए अनार के खोज में निकलने वाली है। कमला के साथ रघु नाम का नौजवान भी गिरफ़्तार किया जाता है जो कमला को अपनी धर्म की बहन बना चुका है और जो उसके पति को अच्छा करने के लिये अपनी जान लड़ा देने को तैयार हो जाता है।
खैर, क़ैद से दोनों किसी तरह महाराज के पास तक पहुँच जाते हैं। कमला रोती गिड़गिड़ाती है और राजा को अपने बेटे के जीवन का लोभ मजबूर कर देता है। महाराज, कमला और रघु को अनार की खोज करने के लिये आज़ाद करा देते हैं। कमला और रघु अनार के लिए वहां से चल पड़ते हैं। वह शक्तिशाली और चमत्कारी अनार एक लड़की के पास है जिसका नाम अनारबाला है लेकिन उसके बारे में सिर्फ बुजुर्गों से कुछ बातें सुनी गई हैं। किसी ने अनार बाला को देखा नहीं है- किसी को उसका पता ठिकाना मालूम नहीं है।
कहावत है कि अच्छे कामों में अक्सर कठिनाइयों और रूकावटें आती ही ही हैं। इधर कमला और रघु हिम्म्त के साथ अनार बाला की खोज में निकलते हैं। उधर दुष्ट सेनापति जादूगर की सहायता से इनकी राहों में अपना शैतानी जाल किस तरह बिछाता है- मंत्र तंत्र और आत्मबल में कैसा घमासान संग्राम छिड़ता है- कौन किस तरह अपने-अपने दाँव पेच करते हैं- और किसकी हार- किसकी जीत कैसे होती है- यह सब पर्दा खुलते ही आपके सामने नजर आयेगा, क्योंकि अनार बाला को आपसे कोई पर्दा नहीं है।